
हल्द्वानी
रिपोर्टर मजहिर खान
हल्द्वानी सूत्रों की मानें तो पुलिस का सत्यापन अभियान ज़्यादातर बनभूलपुरा तक ही सीमित नजर आता है, जबकि शहर के मुख्य और व्यावसायिक इलाकों में किराएदारों का प्रभावी सत्यापन ज़मीनी स्तर पर होता नहीं दिखता। जहाँ एक तरफ सुबह 5 बजे सैकड़ों पुलिसकर्मियों के साथ सघन अभियान चलाए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ शहर के बीचों-बीच बिना किसी ठोस सत्यापन के दुकान किराए पर ली जाती है और दीवार तोड़कर करोड़ों की चोरी को अंजाम दे दिया जाता है।

क्या सत्यापन अभियान इलाकों के हिसाब से तय हो गए हैं?
क्या शहर के मुख्य बाजार अपराधियों के लिए सेफ ज़ोन बनते जा रहे हैं?
और क्या कानून व्यवस्था सिर्फ कागज़ों और दावों तक सिमट कर रह गई है?
ये सवाल सिर्फ पुलिस से नहीं, पूरे सिस्टम से हैं।




