
लालकुआं
रिपोर्टर मजहिर खान
लालकुआं काग्रेस नेता हेमवती नन्दन दुर्गापाल ने बिन्दुखत्ता राजस्व गाँव की मांग को लेकर सरकार को घेरा है उन्होंने कहा कांग्रेस पार्टी और ‘इंडिया’ गठबंधन की मांग है कि सरकार बिंदुखत्ता की वैधानिक स्थिति को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करे। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार किस प्रक्रिया (जैसे एफआरए या निर्वनीकरण) के तहत बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देगी, क्योंकि सरकार के अपने प्रतिनिधियों में ही इसे लेकर एकराय नहीं है।

आश्वासन पर अविश्वास और अनशन का फैसला
दुर्गापाल ने कहा कि मंत्री स्तर पर केवल आश्वासन मिलने और कोई निश्चित तारीख या अधिसूचना जारी न होने के कारण ही वन अधिकार समिति संतुष्ट नहीं हुई और 5 तारीख अक्टूबर से अनशन पर बैठने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस अनशन का समर्थन करतीं हैं।
कांग्रेस सरकार के कार्य
उन्होंने कहा कि पूर्व में कांग्रेस सरकार के समय बिंदुखत्ता को नगरपालिका का वैधानिक दर्जा दिया गया था, लेकिन कुछ राजनीतिक विरोध के कारण उसे वापस लेना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के शासनकाल और उनके पिता के विधायक/मंत्री रहते हुए क्षेत्र में सड़कें, स्कूल, अस्पताल और आईटीआई जैसी बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विकास किया गया। जिसका फायदा आज भीन लोग ले रहे हैं।
सरकार पर गुमराह करने का आरोप
उन्होंने वर्तमान सरकार पर पिछले साढ़े नौ वर्षों से केवल बातें घुमाने का आरोप लगाया है उन्होंने मांग की कि सरकार केवल बयानों तक सीमित न रहे, बल्कि आधिकारिक तौर पर स्पष्ट करे कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा कब और कैसे मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए अनशन या आमरण अनशन तक का रास्ता अपनाने को तैयार हैं।




