
अयोध्या, 25 अक्टूबर 2026
ऋतु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर में विराजमान श्रीरामलला की दैनिक पूजा, आरती, भोग, विश्राम एवं दर्शन की समय-सारणी में संशोधन किया गया है। *नयी व्यवस्था रविवार, 1 नवम्बर 2026 से लागू होगी।* वर्तमान में मन्दिर के पट प्रातः 3:45 बजे खुलते हैं और रात्रि 10:30 बजे बन्द होते हैं। नयी दिनचर्या में यह समय क्रमशः प्रातः 4 बजे और रात्रि 10 बजे होगा।
अर्चक प्रमुख आचार्य केशव जी* ने बताया कि प्रातः 4 बजे पट खुलने के बाद 4:30 से 4:40 बजे तक मंगला आरती होगी। इसके उपरान्त प्रातः 4:40 से 6:30 बजे तक अभिषेक, श्रृंगार, धूप-दीप एवं नैवेद्य के लिये पट बन्द रहेंगे। प्रातः 6:30 बजे श्रृंगार आरती होगी तथा 7 बजे से श्रद्धालुओं के दर्शन प्रारम्भ होंगे।

प्रातः 8:00 से 8:10 बजे तक बालभोग के लिये पट बन्द रहेंगे। इसके बाद दर्शन 11:30 बजे तक जारी रहेंगे। *11:30 से दोपहर 12 बजे तक राजभोग* तथा 12 बजे राजभोग आरती होगी। दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक श्रीरामलला का विश्राम रहेगा। इसके उपरान्त पुजारी प्रवेश एवं अल्पभोग की प्रक्रिया होगी और *1:35 बजे से दर्शन पुनः प्रारम्भ* होंगे।
सायं 4:00 से 4:10 बजे तक बालभोग के लिये पट बन्द रहेंगे। इसके बाद दर्शन सायं 6:45 बजे तक होंगे। 6:45 से 7 बजे तक धूप-दीप एवं नैवेद्य के उपरान्त *सायं 7 बजे संध्या आरती* होगी। रात्रि 8:00 से 8:30 बजे तक तथा 9:15 से 9:30 बजे तक धूप-दीप एवं नैवेद्य के लिये पट बन्द रहेंगे। शेष निर्धारित अवधि में दर्शन जारी रहेंगे।
*रात्रि 9:30 बजे शयन आरती होगी तथा 10 बजे मन्दिर के पट बन्द कर दिये जाएंगे।*
श्रद्धालुओं की जानकारी के लिये वर्तमान एवं संशोधित समय-सारणी के प्रमुख बदलाव निम्नवत हैं।
एक नज़र में — प्रमुख समय परिवर्तन
गतिविधि वर्तमान 1 नवम्बर से
पट खुलना 3:45 प्रातः 4:00 प्रातः
मंगला आरती 4:00 प्रातः 4:30 प्रातः
श्रृंगार आरती 6:00 प्रातः 6:30 प्रातः
प्रातः बालभोग 9:00–9:05 8:00–8:10
मध्याह्न विश्राम 12:30–12:55 12:30–1:30
शयन आरती 10:00 रात्रि 9:30 रात्रि
पट बन्द 10:30 रात्रि 10:00




