श्रीलंका के सिविल सर्वेंट्स का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल मुज़फ्फरनगर पहुंचा, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ की बैठक।
मुजफ्फरनगर
क्रान्ति बुलेटिन संवाददाता
मुज़फ्फरनगर। श्रीलंका के 40 सिविल सर्वेंट्स का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल मुज़फ्फरनगर पहुंचा और मेरठ रोड स्थित विकास भवन सभागार में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ और अन्य अधिकारियों ने जिले की प्रमुख योजनाओं, प्रशासनिक कार्यप्रणाली, अपराध नियंत्रण, सामुदायिक पुलिसिंग, महिला सुरक्षा, और पुलिस-प्रशासन के समन्वय से जुड़े बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी साझा की।एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली, ट्रैफिक मैनेजमेंट, अपराध नियंत्रण की रणनीतियों और तकनीकी सहयोग के बारे में श्रीलंकाई प्रतिनिधियों को जानकारी दी।जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बताया कि यह प्रतिनिधिमंडल भारत के प्रशासनिक ढांचे को समझने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग व अनुभवों के आदान-प्रदान के उद्देश्य से दौरे पर आया है। “मुज़फ्फरनगर में चल रही योजनाओं और प्रशासनिक प्रणाली को समझाने के साथ-साथ हमने उन्हें यह भी बताया कि दोनों देशों के प्रशासनिक ढांचे में किस तरह से सुधार और तालमेल संभव है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल को उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ट्रैफिक व्यवस्था, अपराध की स्थिति में कार्रवाई की प्रक्रिया, जांच के तरीके, और सामुदायिक पुलिसिंग के प्रभावी मॉडल पर प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया गया। बताया कि इस दौरान भारत और श्रीलंका के बीच क्रिकेट के माध्यम से बने सांस्कृतिक संबंधों पर भी चर्चा हुई, जिससे दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और संवाद को और अधिक मजबूत किया जा सके। इस दौरान भारत-श्रीलंका के सांस्कृतिक संबंध, विशेष रूप से क्रिकेट जैसे खेलों के माध्यम से जुड़ाव पर भी चर्चा हुई।

अंत में, दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने स्मृति चिह्नों का आदान-प्रदान किया और भविष्य में भी ऐसे संवादों को जारी रखने की इच्छा जताई।




