नैनीताल
रिपोर्टर मजहिर खान
बाजपुर के बन्नाखेड़ा रेंज की दक्षिणी बैलपड़ाव बीट के प्लाट सं. 31 में अपने मवेशियों के चरान और चुगान के लिए अस्थाई रूप से बने डेरों में रहने वाले वन गुज्जरों के बीच वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह-2025 का आयोजन किया गया।
वही कार्यक्रम की अध्यक्षता पलड़िया खत्ता निवासी वन गुज्जर बशीर ने की। मुख्य अतिथि के रूप में बैलपड़ाव क्षेत्र से हाजी कासिम उपस्थित रहे।

वही वन क्षेत्राधिकारी बन्नाखेड़ा के नवल किशोर कपिल ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए वन और वन्यजीवों की सुरक्षा में वन गुज्जरों के इतिहास और योगदान की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पूर्व में वन गुज्जर समाज वनों का संरक्षण करते हुए अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करते थे, और आज भी यही दृष्टिकोण आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से मातृशक्ति से बच्चों, खासकर बेटियों को शिक्षित करने का आग्रह किया।
दक्षिणी बैलपड़ाव बीट के वन गुज्जर बशीर ने वृक्षारोपण क्षेत्रों की सुरक्षा और शाख-तराशी को गलत तरीके से न करने का अनुरोध किया। हाजी कासिम ने भी वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग का सहयोग करने की अपील की।
उप वन क्षेत्राधिकारी, दीवान सिंह रौतेला ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से वनों में किसी भी प्रकार के गलत कार्य से बचने का आवाहन किया।
अंत में, अध्यक्ष बशीर ने समाज से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कार्यक्रम का समापन किया। कार्यक्रम का संचालन वन आरक्षी मोनू राजहंस ने किया। आयोजन में वन क्षेत्र के कर्मचारियों, वन गुज्जर समाज के बुजुर्गों, महिलाओं और नव पीढ़ी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम की पूरी व्यवस्था वन बीट अधिकारी ज्ञान सिंह द्वारा की गई।




