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पत्रकरिता एवं जनसंचार विभाग मे कहानी को शब्दों से रंग दें थीम पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन।

विभाग

क्रांतिकारी सिद्धांत (शरद शर्मा)

स्थापना। श्री राम कॉलेज के पत्रकरिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा कहानी को शब्दों से लेकर रंग प्रस्तुति थीम पर एक माध्यमिक विद्यालय का आयोजन किया गया। जिसमें प्रशिक्षक के रूप में पत्रकरिता एवं जनसंचार विभाग के पूर्व छात्र एवं टेक्सटाइल राइटिंग विशेषज्ञ निक्षय धीमान और स्क्रीनप्ले राइटिंग विशेषज्ञ स्पर्श गोयल रहे। वर्कशॉप के स्टेज दो स्टेज में आयोजित किया गया। छात्रावास एवं निक्षय धीरेन ने मठ जनसंचार के छात्रों को पहले चरण में अध्ययन अनुष्ठान के गुरु सिखाए एवं मठ मंडल के विषय में सलाहकारों ने काम किया। उन्होंने छात्रों को कोचिंग से संबंधित टेक्निकल स्टडीज को शामिल किया। उन्होंने लेखन कौशल के बारे में बताया और बताया कि सोशल मीडिया से लेकर ब्लॉग लेखन तक ऐसे कई मंच हैं जहां लेखन कौशल के माध्यम से बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अब एस्से राइटिंग में रिलेशनशिप बनाने के ऐसे कितने अवसर हैं जिनपर छात्रों को ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने इंजनों की सर्च राइटिंग करने के लिए इंजिनियरिंग और स्टूडेंट्स को बताया कि इंजनों की सर्चिंग की जानकारी बहुत ज्यादा है। इसके बाद उन्होंने काम करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दिए और छात्रों का मार्गदर्शन किया।

वे स्कूल के दूसरे चरण में स्पर्श गोयल ने छात्रों को स्क्रीनप्ले राइटिंग की साक्षातता से विस्तार दिया। उन्होंने स्क्रीनप्ले के महत्व और तकनीकी बिंदुओं के विषय में जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि फिल्म उद्योग में किसी भी फिल्म के निर्माण से पहले उसका स्क्रीनप्ले पर काम करना जरूरी होता है। उन्होंने आगे बताया कि एक अच्छे स्क्रीनप्ले के लिए राइटर बनने के लिए स्टॉल्स को विकसित करना जरूरी है। साथ ही उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को राइटिंग स्टूडेंटस को विकसित करने के लिए पुरालेख अच्छा नॉवेल, कहानियां, शॉर्ट मूवी आदि पढ़नी और देखनी चाहिए। उन्होंने चित्रों में पात्रों को गढ़ने के विषय में विस्तार से बताया साथ ही स्क्रीन प्ले के उपकरणों को भी विस्तार से बताया। इस अवसर पर जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन विभाग के अध्यक्ष रवि गौतम ने बताया कि आश्रम का प्राथमिक उद्देश्य बीजेएमसी एवं एमजेएमसी के छात्रों के लिए रोजगार योग्य विकास करना है। उन्होंने कहा कि इस वर्कशॉप का दूसरा उद्देश्य छात्रों को सीखने, पढ़ने और छात्रों की कला को विकसित करने के साथ-साथ उनके आंतरिक नेतृत्व कौशल को विकसित करना है। उन्होंने बताया कि वर्कशॉप का तीसरा और महत्वपूर्ण उद्देश्य पत्रकारिता एवं जनसंचार के छात्रों को रोजगार पार्क शिक्षा के महत्वपूर्ण विषय में वैज्ञानिक बनाना और मीडिया हाउस और पेशेवर कल्चर को विकसित करने के संबंध में मानसिक क्षमता विकसित करना है। मीडिया के क्षेत्र में छात्रों के लिए नौकरी के अवसर हैं,जरुरत हैं तो सिर्फ अपने पेशेवर छात्रों को विकसित करने की।

इस अवसर पर संस्थान की कार्यशाला डॉ. प्रेरणा मिस्ट ने अपने सम्बोधन मे कहा कि रोज़गार पार्क शिक्षा वर्तमान दौर की मांग है। उन्होंने कहा कि इसी तरह की आश्रमशाला में स्टॉल्स डेवलेप करने में सहायक होते हैं। इस पर डीन एकेडमिक डॉ. विनीत कुमार शर्मा पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की प्रवक्ता शिवानी बर्मन, मयंक वर्मा और कहकशा मिर्जा आदि शिक्षक अवसरगण उपस्थित रहे।

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