यादगार रहा कविता कारवाॅं का वर्ष 2025 की विदाई वेला पर आयोजित कार्यक्रम।

मुजफ्फरनगर
क्रान्ति बुलेटिन ब्यूरो
रूड़की। वर्ष 2025 की विदाई वेला पर आयोजित कविता कारवाॅं का आयोजन बहुत ही ख़ुशगवार एवं मनोरंजक माहौल में सम्पन्न हुआ।इस बार का आयोजन कविता कारवां की एक प्रतिभावान सदस्य/ साहित्यकार अर्चना त्यागी के ओम विहार स्थित आवास ‘उत्सव’ में किया गया। उन्होंने जिस उदारता और सहृदयता के साथ कविता कारवां के सभी सदस्यों को आयोजन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया तथा व्यक्तिगत रूप से भी फोन किये उसका यह सुपरिणाम हुआ कि आज की बैठकी में अब तक की सर्वाधिक उपस्थित सदस्यों की रही। गोष्ठी में आने वाले सभी सदस्यों का जिस गर्मजोशी और अपनत्व के साथ श्रीमती अर्चना त्यागी उनके पति रजनीश त्यागी, भाई श्रवण त्यागी तथा लवी त्यागी व अनन्या त्यागी बेटियों ने स्वागत सत्कार किया वह सभी के मन में अमिट छाप छोड़ गया। आज के आयोजन में झबरेड़ा के पूर्व विधायक चौधरी यशवीर सिंह की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। वह पूरे समय तक आयोजन में शामिल रहे और कविताओं का आनंद लेते रहे। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने भी अपनी बहुत सुंदर पंक्तियाॅं प्रस्तुत की।

आज के कार्यक्रम का आरंभ गोपाल शर्मा जी द्वारा दिल्ली के विभिन्न रूपों को उकेरती हुई एक बहुत ही समसामयिक रचना से किया गया। उसके बाद सौ सिंह सैनी द्वारा प्रस्तुत नीरज की कविता ‘जब तलक है लेखनी हम तुम्हें मरने ना देंगें ‘को भी सदन की काफी सराहना मिली। हमेशा की तरह ही सुप्रसिद्ध राष्ट्रीय साहित्यकार कृष्ण सुकुमार ने विभिन्न शायरों की कुछ बहुत ही उम्दा चयनित शेर सुना कर सभी को प्रभावित किया। उनके द्वारा प्रस्तुत एक शेर ‘ सूखे पत्तों को हल्की हवा ही काफी है, तुम मुॅ़ह फेर के निकले ये सज़ा ही काफी है’ काफी पसंद किया गया। डाक्टर गोपाल नारसन द्वारा नवाज़ देवबंदी की एक रचना सुनाकर सभी की वाही वाही लूटी गई। कविता कारवां के संयोजक और नवसृजन साहित्यिक संस्था के कोषाध्यक्ष पंकज त्यागी ‘असीम’, ने अपनी एक ग़ज़ल ‘हाथ तो बाद में पसारा था पहले उसने अना को मारा था’ सुना कर सभी को भाव विभोर कर दिया। वर्तमान समय में घृणा और विभाजनकारी प्रवृत्तियों का विरोध करती हुई जब एक रचना अनुपमा शर्मा ने पढ़ी तो सभी ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। नव सृजन साहित्यिक संस्था की अध्यक्ष डॉक्टर शालिनी जोशी पंत ने भी महाभारत के परिप्रेक्ष्य में एक लंबी कविता का थोड़ा सा अंश सुना कर सबको प्रभावित किया। निखिल पंत जी ने डॉक्टर हरिवंश राय बच्चन के परिचय सहित उनकी एक रचना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। श्याम कुमार त्यागी के हास्य/ व्यंग्य के गीत को भी सभी की सराहना मिली। नवीन शरण निश्चल द्वारा प्रोमिला दुआ की एक नज़्म को प्रस्तुत किया गया जो बहुत ही मार्मिक एवं भावपूर्ण थी। डॉक्टर आनंद भारद्वाज ने जब सोम ठाकुर का सुप्रसिद्ध गीत ‘सागर चरण पखारे गंगा शीश चढ़ावे नीर ,मेरे भारत की माटी है चंदन और अबीर’ सुनाया तो पूरा माहौल देश भक्ति और मातृभूमि की वंदना में समाहित हो गया। आज के आयोजन में जिन अन्य सदस्यों ने अपने द्वारा चयनित कवियों की रचनाओं का पाठ किया उनके नाम हैं सर्व श्री राजीव शर्मा,अंजुल त्यागी,अंजु त्यागी, अनिल वर्मा अमरोहवी,निधी जैन, शाहिदा शेख़, एवं रश्मि त्यागी । कार्यक्रम की मेज़बान अर्चना त्यागी द्वारा प्रस्तुत उनकी स्वरचित रचना को पूरे सदन का भरपूर समर्थन एवं सराहना प्राप्त हुई। आयोजन का मुख्य आकर्षण यह रहा कि इस कार्यक्रम में डॉक्टर आनंद भारद्वाज द्वारा लिखित उनके काव्य संग्रह ‘बस यूॅं ही’ का विधिवत विमोचन बहुत ही सौम्यता और सादगी के साथ चौधरी यशवीर सिंह जी के कर कमलों द्वारा उपस्थित सभी गणमान्य साहित्यकारों की उपस्थिति में किया गया। उनके काव्य संग्रह के प्रकाशन पर उपस्थित सभी साहित्यकारों ने डॉक्टर आनंद भारद्वाज जी को बहुत-बहुत बधाई दी तथा कामना की कि वह भविष्य में भी सृजनशील रहेंगे और अच्छी-अच्छी साहित्यिक रचनाएं लिखते रहेंगे। अंत में अर्चना त्यागी और उनके पारिवारिक सदस्यों द्वारा आगंतुकों के सम्मान में प्रकट किए गए आत्मीय भाव और प्रेम का उल्लेख ना किया जाए तो वृतांत अधूरा ही रहेगा। वास्तव में सभी आगंतुक सदस्य गण इस परिवार के द्वारा दिखाई गई उदारता और अपनत्व की भावना से बहुत प्रभावित हुए।परोसे गए काजू, किसमिस,बादाम, चिलगोजे का स्वाद अभी तक मन में अटका हुआ है।घर के बने तिल के लड्डू तथा कतली बरफी के साथ चाय समोसे की ख़ुशबू बहुत देर तक साथ रहने वाली है। बहुत ही हॅंसी -ख़ुशी के साथ आज की बैठक संपन्न हुई तथा सभी साथियों ने आने वाले नव वर्ष की एक- दूसरे को शुभकामनाएं भी दी और यह घोषित भी किया गया कि सन् 2026 की पहली कविता कारवां की बैठक जनवरी माह में प्रमुख समाजसेवी तथा कविता कारवां के सक्रिय सदस्य श्याम कुमार त्यागी की मेज़बानी में होगी। इस घोषणा का सभी सदस्यों ने तालियां बजाकर स्वागत किया।




