पुलिस का ‘ऑपरेशन दहन’, पुलिस ने जलाकर नष्ट किया 4.16 करोड़ का गांजा और चरस।

मुजफ्फरनगर
क्रान्ति बुलेटिन संवाददाता
मुजफ्फरनगर। नशे के सौदागरों के सम्राज्य को ढहाने और युवाओं को इस दलदल से बचाने के लिए मुजफ्फरनगर पुलिस लगातार चौतरफा प्रहार कर रही है। पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर प्रदेश भर में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन दहन’ के तहत बुधवार को मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक ऐतिहासिक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने अलग-अलग थानों में दर्ज 16 मुकदमों से जुड़े 4 करोड़ 16 लाख रुपये की अंतरराष्ट्रीय कीमत वाले 865.38 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थों को पूरी तरह जलाकर नष्ट कर दिया।

इस भारी-भरकम खेप का निस्तारण मुजफ्फरनगर ड्रग डिस्पोजल कमेटी की देखरेख में पड़ोसी जनपद मेरठ के सुभारती मेडिकल कॉलेज स्थित वैज्ञानिक इंसिनरेटर (भट्ठी) में पर्यावरण मानकों का पालन करते हुए किया गया।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के कुशल निर्देशन में इस बड़ी कार्रवाई के लिए एक विशेष ‘जिला ड्रग डिस्पोजल कमेटी’ का गठन किया गया था। एसपी ट्रैफिक अतुल कुमार चौबे के नेतृत्व में बनी इस हाई-प्रोफाइल कमेटी में क्षेत्राधिकारी कार्यालय विश्वजीत सिंह और एंटी नारकोटिक्स सेल के प्रभारी मुनीश कुमार को सदस्य के रूप में शामिल किया गया। कमेटी ने अपर सत्र न्यायालय (NDPS एक्ट) मुजफ्फरनगर से बकायदा कानूनी आदेश प्राप्त करने के बाद बुधवार को इस विनष्टीकरण की प्रक्रिया को अंजाम दिया, जिसकी पारदर्शिता के लिए पूरी वीडियोग्राफी भी कराई गई।इंसिनरेटर की आग में जो 865.38 किलोग्राम नशा झोंका गया, उसमें मुख्य रूप से 814.83 किलोग्राम गांजा, 50 किलोग्राम डोडा पोस्त और 0.55 किलोग्राम (आधा किलो से अधिक) शुद्ध चरस शामिल थी। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों के नष्ट होने से ड्रग सिंडिकेट की कमर पूरी तरह टूट गई है। पुलिस की इस आक्रामक कार्रवाई से क्षेत्र के स्मैक, चरस और गांजा तस्करों में भारी हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने साफ किया कि आगे भी कोर्ट से आदेश मिलते ही बरामद नशे के सामान को इसी तरह तत्काल नष्ट किया जाता रहेगा।




