पुलिस ने दबोचा ट्रकों का ‘नटवरलाल’, मदरसे के कारी समेत दो गिरफ्तार, 1.15 करोड़ की संपत्ति और चार ट्रक बरामद।

मुजफ्फरनगर
क्रांति बुलेटिन (संवाददाता)
बुढ़ाना। जनपद की बुढ़ाना पुलिस ने अंतर्राज्यीय वाहन फर्जीवाड़ा करने वाले एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो फाइनेंस और चोरी के ट्रकों का हुलिया बदलकर उन्हें असली बताकर बेच देते थे। पुलिस ने इस गैंग के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक मदरसे का कारी भी शामिल है। इनके कब्जे से 1.15 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति, 4 ट्रक, फर्जी आधार कार्ड और आरसी बरामद की गई है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने इस बड़ी सफलता पर बुढ़ाना पुलिस टीम को 20 हजार रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया है।एसएसपी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर बुढ़ाना पुलिस खतौली तिराहे पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान हिमाचल नंबर के एक ट्रक कोरुकने का इशारा किया गया, लेकिन ड्राइवर ने ट्रक भगा दिया। पुलिस ने पीछा किया तो आगे गन्ने से भरा एक ट्रक आ गया, जिससे रास्ता बंद हो गया। घबराए आरोपी ट्रक छोड़कर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर मेहरबान अली उर्फ कारी और अफजाल निवासी झिंझाना (शामली) को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए।

उन्होंने बताया कि वे फर्जी आधार कार्ड के जरिए बैंक खाते खुलवाकर वाहन फाइनेंस कराते थे। इसके बाद उन वाहनों का इंजन और चेसिस नंबर बदलकर अरुणाचल प्रदेश जैसे दूरदराज के राज्यों के आरटीओ ऑफिस में सांठगांठ कर नई आरसी (RC) बनवा लेते थे। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार इन ट्रकों को वे भोली-भाली जनता को बाजार भाव पर बेचकर करोड़ों का अवैध लाभ कमा रहे थे।पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 4 ट्रक, 2 मोटरसाइकिल, 8 फर्जी आधार कार्ड, 6 आरसी और करीब 5 लाख रुपये की नगदी बरामद की है। पकड़े गए शातिरों के खिलाफ थाना बुढ़ाना में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक सुभाष अत्री, उपनिरीक्षक ललित कुमार और संदीप कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।




