डीएम ने दिखाया मानवीय चेहरा, बच्ची के इलाज के लिए तुरंत बढ़ाया हाथ।
मुजफ्फरनगर
क्रान्ति बुलेटिन संवाददाता
मुज़फ्फरनगर। जिला पंचायत सभागार में आयोजित जनसुनवाई में एक भावुक क्षण देखने को मिला जब एक युवती खुशी ने अपनी आंखों में मोतियाबिंद की समस्या को लेकर मुजफ्फरनगर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के सामने रो-रो कर गुहार लगाई। उसके दर्द को सुनते ही डीएम का दिल पसीज गया और उन्होंने तुरंत अपनी सरकारी गाड़ी से युवती को अस्पताल भेजा। डीएम ने कहा, “जहां भी इलाज होगा, खर्च मैं करूंगा। चिंता मत करो, अब तुम अकेली नहीं हो।”खुशी ने बताया कि वह कई दिनों से आंखों की तकलीफ से जूझ रही थी और उसके पिता आर्थिक तंगी के कारण ऑपरेशन कराने में असमर्थ थे। यहां तक कि परिवार और रिश्तेदारों ने भी उससे मुंह मोड़ लिया था। इस पर डीएम ने भावुकता में कहा कि आजकल अच्छी तकनीक आ गई है, जल्द ही इलाज हो जाएगा।डीएम उमेश मिश्रा ने युवती को जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील तेवतिया के पास भेजा और निर्देश दिया कि युवती को हरसंभव चिकित्सकीय सुविधा दी जाए। डीएम ने कहा कि कोई भी नागरिक जब तक सरकार के दरवाजे पर है, तब तक वह खुद को असहाय न समझे।खुशी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “भगवान के रूप में डीएम साहब ने मेरी मदद की। मेरी दुआएं उनके साथ हैं। मैं जीवन भर उनकी आभारी रहूंगी।”इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था के मानवीय चेहरे को उजागर किया है और एक बार फिर साबित कर दिया कि जब संवेदनशील अधिकारी सिस्टम में होते हैं, तो जरूरतमंदों को न्याय और मदद जरूर मिलती है।





