
लालकुआ
रिपोर्टर, मजहिर खान
लालकुआँ बढ़ती गर्मी और तापमान के मद्देनज़र तराई केन्द्रीय वन प्रभाग की टांडा रेंज के घने जंगलों में जल संकट से जूझ रहे वन्यजीवों को राहत देने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। भीषण गर्मी के इस मौसम में जंगली जानवरों को जंगल से बाहर न जाने पड़े इसलिए टांडा रेंज की वन विभाग टीम ने खास व्यवस्था की है। वन विभाग की टीम ने टांडा रेंज के जंगल में दो बड़े तालाबों का निर्माण किया है जिनमें 200 फिट गहरे आर्टिजियन वेल लगाए गए हैं जिन्हें पातालतोड़ कुआं ने जाना जा रहा है। जिसे शुद्ध पानी जगंली जानवरों को मिल रहा है। इसके अलावा छोटे छोटे गड्डे बनाकर उनमें भी टेंकरो की मदद से पानी भरा जा रहा। ताकि जानवरों की व्यास बुझाई जा सकें है। इन तालाबों की निगरानी के लिए वन विभाग के कर्मचारी 24 घटें तैनाती में लगाये गए हैं। इन तालाबों में जानवरों की आवाजाही लगातार जारी है।

बताते चले कि इन दिनों पड़़ रही भीषण गर्मी की वजह से जगह जगह पानी की किल्लत की समस्या देखने को मिल रही है। लेकिन टांडा रेंज के जंगली जानवरों के लिए अच्छी खबर है। इस समस्या को देखते हुए वन विभाग ने टांडा रेंज के जंगल में जंगली जानवरों के लिए दो बड़े तालाबों की व्यवस्था की है। पहला तालाब साप पाटानी खत्ते के पास तो दूसरा रेंज कार्यालय के पास बनाया गया। वन विभाग द्वारा बनाए गए तालाबों में जंगली जानवर जैसे हाथी, तेंदुआ, नील गाय, हिरन,बारहसिंगा की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। जानवर सुबह से ही तालाब में पहुंच रहे हैं तथा पानी में मस्ती करते साफ दिख रहे हैं।
इसी को लेकर रविवार की सुबह टांडा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने तालाबों और पोखरों का निरीक्षण किया। जहाँ पानी की कमी पाई गई वहां टैकर और बोरिंग पंपिंग सेट के माध्यम से जल भराव किया गया। यह कार्रवाई वन जीवों को गर्मी के मौसम में पीने और नहाने के लिए पर्याप्त उपलब्ध कराने के लिए की गई।
इस मौके पर उन्होंने बताया कि गर्मी में जंगली जानवर पानी की तलाश में जंगल से बहार चले जाते हैं जिससे आसपास के गाँव में निवास कर रहे ग्रामीण के साथ साथ जानवरों की भी जांंन जोखिम में पड़ जाती है। इसलिए जंगलों में जानवरों के लिए पानी कि कमी न रहे इस कारण दो बड़े तालाबों का निर्माण कराया गया।जिनके पास 200 फिट गहरे आर्टिजियन वेल लगाए गए हैं जिन्हें पातालतोड़ कुआं से जाना जाता है। जिसे शुद्ध पानी जगंली जानवरों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा छोटे गड्ढो में भी टेंकर से पानी भारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन तालाबों में भारी संख्या में जंगली जानवर पहुँच रहे हैं जो पानी पी रहे तथा नहा भी रहे हैं।उन्होंने कहा कि यहा कार्यावाही आगे भी जारी रहेगी।




