
लखनऊ
जिस घर में मां मुस्कुराती है, खुशियां खुद उस घर का पता पूछ के आती हैं* – मां ममता और मातृत्व को समर्पित यह उदगार थे उन बच्चों के जो एक कार्यक्रम मे मां के प्रति अपने प्रेम,आदर और कृतज्ञता को प्रकट कर रहे थे.।
कार्यक्रम पूर्ण रूप से माओं को समर्पित था और अवसर था मदर्स डे. सृजन फाउंडेशन और सुभाष चंद्र बोस सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वाधान मे मदर्स डे की पूर्व संध्या पर लखनऊ के उर्दू अकादमी मे एक सांस्कृतिक कार्यक्रम और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
सर्वप्रथम दीप प्रज्वलन कर माँ शारदे का आशीर्वाद प्राप्त किया गया. उसके उपरांत सृजन फाउंडेशन द्वारा वंचित वर्ग के बच्चों के लिए बुनियाद अकादमी प्रकल्प द्वारा मनमोहक सत्यम शिवम् सुंदरम नृत्य प्रस्तुत किया गया.झंकार अकादमी के नौनीहालों ने अपने एक्शन सांग द्वारा माँ के प्रति खूबसूरत कृतज्ञता प्रकट करी.बुनियाद और झंकार अकादमी के छोटे बच्चों द्वारा क्रमवार ममनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को बांधे रखा।
.सृजन फाउंडेशन के अमित सक्सेना और अर्चना सक्सेना ने बताया की 20 बच्चों से शुरू की गयी बुनियाद संस्था मे आज 120 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और संख्या लगातार बढ़त पर है। जिनके लिए न केवल शिक्षा बल्कि उससे संबधित सभी सामान और भोजन भी अकेडमी मे ही मुहैया कराया जाता है।अमित सक्सेना ने अपने सभी प्रकल्पों को लेकर भविष्य मे अच्छी योजनाओं के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की.बुनियाद अकेडमी के बच्चों द्वारा प्रस्तुत फैशन शो ने दर्शकों का दिल जीत लिया.ध्वज श्रीवास्तव ने ‘तेरी ऊँगली पकड़ के चला’ गाना गाकर श्रोताओं को मुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम मे संस्था द्वारा एक बच्ची के ऑपरेशन के लिए रू 40हजार का चेक प्रदान किया गया.कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बच्चों की माओं द्वारा फैशन शो रहा.सम्मान समारोह मे super mom और change makers दो केटेगरी मे लोगों को सम्मानित किया गया,सम्मान प्रदान करके सृजन फाउंडेशन के सहयोगियों के प्रति भावपूर्ण कृतज्ञता व्यक्त की गयी l
सम्मानित लोगो मे नीमा पंत, वंदिता, शर्मीला सिंह, बबिता सक्सेना, दिव्या शुक्ला, नम्रता सहाय,प्रतिभा,डॉ अनुभव अग्रवाल, संजीव सक्सेना, अंकुश मित्तल, निखिल अग्रवाल, पंकज तिवारी, सचिन श्रीवास्तव, मोहम्मद शाहनवाज, शादमान शेख़ आदि गणमान्य रहे l
कार्यक्रम का सफल संचालन रोमा श्रीवास्तव ने किया l




