
बिंदुखत्ता नैनीताल , 3 सितंबर
वन अधिकार संगठन एवं पूर्व सैनिक संगठन के तत्वावधान में बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी करने की मांग को लेकर 15 अगस्त 2026 से शहीद स्मारक से शुरू हुई घर-घर पदयात्रा आज 20वें दिन शिवपुरी नंबर-6 पहुंची। पदयात्रा में आज भी सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। इस दौरान लोगों से 27 सितंबर को प्रस्तावित विशाल जनसभा एवं रैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई। आयोजकों ने उन लोगों से भी सोशल मीडिया के माध्यम से इस मुहिम को मजबूत करने की अपील की, जो किसी कारणवश पदयात्रा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।

वन अधिकार संगठन के नंदन बोरा ने कहा कि उत्तराखंड शासन ने वर्ष 2022 में बिंदुखत्ता सहित 14 टोंगिया ग्रामों को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की प्रक्रिया वन अधिकार कानून के तहत पूरी करने का निर्णय लिया था तथा समाज कल्याण विभाग को नोडल एजेंसी बनाया था। इन 14 ग्रामों में से छह ग्रामों नैनीताल के रामपुर, लेटी, चोपड़ा तथा हरिद्वार के कमला नगर, पुरुषोत्तमनगर और हरिपुर को राजस्व ग्राम घोषित किया जा चुका है, जिसमें प्रक्रिया वनाधिकार कानून अंतर्गत होने के कारण वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनुमोदन लेने की आवश्यकता नहीं पड़ी, अब लेकिन बिंदुखत्ता के मामले में सारी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी करने के बजाय वन भूमि अनारक्षण का प्रस्ताव केंद्र भेजने की बात कही जा रही है, जो बिंदुखत्तावासियों के साथ दोहरे व्यवहार को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सम्बन्ध में जनजाति मंत्रालय, भारत सरकार के महत्वपूर्ण पत्रों और निर्देशों को भी दबाया जा रहा है। वन अधिकार संगठन के पदाधिकारियों ने पदयात्रा के बाद उपजिलाधिकारी लालकुआं के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर जनजाति मंत्रालय भारत सरकार के पत्रों एवं निर्देशों के अनुसार कार्यवाही कर राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी करने की मांग की।
आज की पदयात्रा में वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश भट्ट, अर्जुन नाथ गोस्वामी,बलवन्त बिष्ट, नंदन बोरा, दीपक जोशी,रमेश गोस्वामी, दौलत सिंह कोरंगा,मनोज कोरंगा, दीपक रौतेला, बलवन्त सिंह परिहार, जीवन पांडे,करम सिंह कोरंगा,संध्या डालाकोटी,रविन्द्र कुमार, हरीश राणा, राजू राणा, बसंती दानू सहित अनेक लोग शामिल रहे।




