क्राइमहल्द्वानी

पुलिस की बड़ी कार्रवाई ” हल्द्वानी में इंटरनेशनल सिंडिकेट का पर्दाफाश,म्यूल खातों से हेराफेरी। 

हल्द्वानी

रिपोर्टर मजहिर खान

हल्द्वानी साइबर अपराध के बढ़ते नेटवर्क के खिलाफ नैनीताल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुखानी क्षेत्र में कथित इंटरनेशनल साइबर क्राइम सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह म्यूल बैंक खातों, एटीएम कार्ड और अनधिकृत ऐप के जरिए बड़े पैमाने पर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन कर रहा था।

इधर एसएसपी नैनीताल मंजूनाथ टीसी की रणनीति के तहत चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट-के दौरान SOG, साइबर सेल और मुखानी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने 5-6 सितंबर की रात लक्ष्मण विहार कॉलोनी स्थित एक मकान पर छापा मारा। पुलिस के अनुसार मौके से गिरोह के मुख्य संचालक समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 2 विधि-विवादित किशोरों को संरक्षण में लिया गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.18 लाख रुपये नकद, एक Dell लैपटॉप, एक Apple iPad, 11 स्मार्टफोन, 24 सक्रिय ATM/डेबिट कार्ड, 12 सिम कार्ड, 6 चेकबुक, 4 पासबुक और 16 बैंक जमा/CDM पर्चियां बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक गिरोह का नेटवर्क क्रिप्टोकरेंसी USDT की खरीद-फरोख्त से जुड़ा था। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी राहुल यादव Binance ऐप के माध्यम से नकदी जुटाकर USDT खरीदता था।

इसके बाद Telegram के जरिए मिले कथित अनधिकृत UMASTER ऐप पर प्रतिदिन करीब 4 से 5 लाख रुपये मूल्य की USDT बेचने का काम किया जाता था। पुलिस का कहना है कि इसमें करीब 3 प्रतिशत अतिरिक्त मुनाफे और बोनस का लालच दिया जाता था।

संदिग्ध धनराशि को अलग-अलग खातों के जरिए घुमाने के लिए स्थानीय युवाओं को भी नेटवर्क से जोड़ा गया। पुलिस के मुताबिक कमीशन का लालच देकर लोगों के बैंक खाते, ATM कार्ड, चेकबुक और पासबुक हासिल किए जाते थे।

ATM से कैश निकासी, CDM से आगे ट्रांजेक्शन

जांच में सामने आए कथित तरीके के मुताबिक गिरोह म्यूल खातों से ATM के जरिए नकदी निकालता था। अधिक रकम होने पर उसे Cash Deposit Machine (CDM) के माध्यम से दूसरे बैंक खातों में जमा या ट्रांसफर किया जाता था।

पुलिस का यह भी कहना है कि कई खाताधारकों के सिम कार्ड भी आरोपियों के पास रहते थे, ताकि बैंक खाते से होने वाली गतिविधियों पर खाताधारक की सीधी पकड़ न रहे।

यही वजह है कि पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बैंक खातों, लेनदेन और संभावित साइबर अपराधों की कड़ियों की जांच कर रही है।

मुख्य सरगना समेत छह आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी राहुल यादव, 20 वर्षीय उचित कुमार, 21 वर्षीय कमल गोस्वामी, 21 वर्षीय साहिल कुमार, 20 वर्षीय मौ. अयान और 24 वर्षीय मौ. शुभान शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार राहुल यादव पूर्व में इंदौर ग्रामीण थाने में दर्ज एक मामले में जेल जा चुका है। अन्य आरोपियों की भूमिका कथित तौर पर ATM से रकम निकालने, CDM में रकम जमा करने, म्यूल खाते उपलब्ध कराने और निवेश से जुड़ी बताई गई है।

पुलिस ने मामले में दो विधि-विवादित किशोरों को भी संरक्षण में लिया है। उन्हें बाल कल्याण पुलिस अधिकारी के संरक्षण में आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए प्रस्तुत किया गया है।

इसके अलावा पुलिस दो अन्य वांछित आरोपियों की तलाश में जुटी है।

पुलिस के अनुसार मामले में कोतवाली मुखानी में मु0अ0सं0 141/2026 के तहत सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C), 66(D) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5), 318(4) में मुकदमा दर्ज किया गया है।

अब पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास, बैंक खातों और डिजिटल उपकरणों की जांच के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क का संबंध किन-किन लोगों और स्थानों से है और कितनी रकम का लेनदेन किया गया है।

साइबर अपराध के इस मामले में पुलिस ने आम लोगों को खास तौर पर आगाह किया है। अक्सर कुछ लोग मामूली कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, ATM या सिम किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए दे देते हैं। लेकिन यही छोटी सी गलती उन्हें बड़े साइबर अपराध की जांच में फंसा सकती है।

नैनीताल पुलिस ने अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति को कमीशन या पैसों के लालच में अपना बैंक खाता, ATM कार्ड, पासबुक या चेकबुक इस्तेमाल करने के लिए न दें।*यदि कोई संदिग्ध वित्तीय गतिविधि नजर आती है तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।

साइबर ठगी या संदिग्ध ऑनलाइन वित्तीय गतिविधि की स्थिति में 1930 साइबर हेल्पलाइन पर भी शिकायत की जा सकती है।

पुलिस टीम को 2,500 रुपये का इनाम

इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए एसएसपी नैनीताल ने 2,500 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। पुलिस के मुताबिक कार्रवाई में मुखानी थाना पुलिस के साथ SOG नैनीताल और साइबर सेल की टीम शामिल रही।

 

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