1424 ग्राम पंचायतें हुई टीबी मुक्तः डॉ. धन सिंह रावत।
टीबी उन्मूलन के सभी 6 सूचकांकों पर खरी उतरी ग्राम पंचायतें ,कहा, दवा और हौंसलों ने जीती जंग, अब टीबी मुक्त प्रदेश की बारी।
देहरादून 31 जुलाई 2024
प्रदेश की 1424 ग्राम पंचायत (टीबीआइ) से मुक्त हो गई है। भारत सरकार ने सभी ग्रामों को पंचायत सदस्यों की सूची से मुक्त करने की घोषणा की है। यह राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसने बेहतर स्वास्थ्य कर्मी और शैक्षणिक योग्यता प्राप्त की है। अब प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल करना है जिसके लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है।
सेंचुरी के स्वास्थ्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश टी.बी.आई.सी.ए. की दिशा किस प्रकार है। औषधि और हौंसलों के दम पर क्षय रोग को मात देने में सफलता मिल रही है। डॉ. रावत ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राष्ट्रीय क्षय पंचायत अभियान के तहत प्रदेश में टीबी मुक्त पंचायत अभियान वृहद स्तर पर चलाया जा रहा है। सफ़लता के साथ भारत सरकार ने प्रदेश की 1424 ग्राम पंचायत के अंतर्गत लगभग 3200 ग्राम पंचायत को मुक्त करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में राज्य द्वारा 1448 ग्रामों को टीबी मुक्त पंचायत के तहत सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया था। किस संग्रहालय केंद्र सरकार ने प्रदेश के 1424 ग्राम रेलवे को टी.बी. फ्री रेजिस्टेंस के लिए तय 6 मानक पर खरा पाया। जिसमें गढ़वाल जिले की 115, बागेश्वर 76, चम्पावत 115, चम्पावत 40, गढ़वाली 187, गढ़वाली 18, गढ़वाली 124, गढ़वाली 297, हिमालयी गढ़वाल 124, रुद्रप्रयाग 44, हिमालयी गढ़वाल 144, उधमसिंह नगर 117 तथा उत्तरकाशी जिले की 23 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। ।। . मिनिस्ट्री ने बताया कि इन सभी टी.बी. जिसके लिए जल्द ही जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में सभी मिशेल के जिला एवं मुख्य चिकित्सा संगीतकारों को निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि टी.बी.ई. इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए जन-आलोचना की अत्यंत आवश्यकता है, इसके लिए आम लोगों से परामर्श लिया जा रहा है। डा. रावत ने बताया कि 24 मार्च, 2023 को ‘विश्व टीबी रोग दिवस’ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से ‘टीबी मुक्त पंचायत’ अभियान की शुरुआत की थी। उद्देश्य लक्ष्य की सहायता संबल प्रदान करना और पंचायत को टीबी मुक्त कराना है। इस अभियान के तहत प्रदेश का प्रदर्शन उल्लेखनीय है।

सदी में टी.बी. अधिसूचना एवं जांच में हुई उल्लेखनीय प्रगति
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश में टी.बी.आई.सी. को लेकर राज्य सरकार का हितैषी गंभीर है। तिब्बती मुक्त उत्तराखंड के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है। इसका कारण यह है कि राष्ट्रीय क्षय रोग कार्यक्रम के अंतर्गत पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष की अधिसूचना में मुख्य रूप से 110 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गई है। जबकि पिछले साल की तुलना में टीबी जांच दर में प्रदेश में 45 प्रतिशत का खुलासा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए 1424 सराय ग्रामों की आपूर्ति एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो सामाजिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए और लोगों के बीच जनजागरूओं को बढ़ाने में सहायक साबित होगी।




