Homeलालकुआं

शहीद मोहन नाथ गोस्वामी स्टेडियम निर्माण पर पूर्व विधायक नवीन दुम्का का बड़ा बयान”सीएम धामी की घोषणा का किया स्वागत”कांग्रेस ने बताया चुनावी स्टंट। 

लालकुआं

रिपोर्टर, मजहिर खान

​ लालकुआं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ भाजपा नेता एंव पूर्व विधायक नवीन चंद्र दुम्का ने अशोक चक्र विजेता शहीद मोहन नाथ गोस्वामी के नाम से प्रस्तावित स्टेडियम के निर्माण कार्य में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की है।

साथ ही उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में पूर्व में इस काम को पूरा न कर पाना उनकी भी कमजोरी रही लेकिन अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इस विषय पर संज्ञान लेना एक बेहद सराहनीय और स्वागत योग्य कदम है।

उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने के बाद अब स्टेडियम के रुके हुए निर्माण कार्य में तेजी आएगी। जिसे ​सैनिक बाहुल्य क्षेत्र के युवाओं को लाभ मिलेगा। उन्होंने बिंदुखत्ता क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्र पूर्व सैनिकों, वर्तमान सैनिकों और सैनिक परिवारों का क्षेत्र है। यहाँ बड़ी संख्या में युवा सेना भर्ती और खेलों की तैयारी के लिए मैदानों व अकादमियों में अभ्यास करते हैं। हाल ही में हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना और इस नए स्टेडियम का निर्माण स्थानीय युवाओं के भविष्य और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से मील का पत्थर साबित होगा। ​उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इस घोषणा का दिल से स्वागत किया और क्षेत्र की जनता की ओर से उनका आभार व्यक्त किया है।

*इधर मुख्यमंत्री की घोषणा को काग्रेंस ने बताया केवल चुनावी स्टेट*

इधर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि शहीद मोहननाथ गोस्वामी के नाम पर बनने वाला खेल स्टेडियम की घोषणा को मात्र एक चुनावी घोषणा करार दिया है।

उन्होंने कहा कि 9.5 साल बीत जाने के बाद भी सरकार केवल यह आश्वासन दे रही है कि अगर कोई विभागीय आपत्ति है, तो उसे दूर कर काम शुरू किया जाएगा।

​ उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल में इस स्टेडियम की घोषणा हुई थी, टोकन मनी जारी की गई थी और ज़मीन का चयन भी हो गया था। इसके बावजूद 10 वर्षों में भाजपा सरकार इसे पूरा करने में विफल रही।

उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार को शहीदों का वास्तविक सम्मान करना होता तो इस स्टेडियम के निर्माण को अपनी शीर्ष प्राथमिकता में रखना चाहिए था।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव निकट आते ही ऐसी घोषणाएं केवल वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा हैं जबकि ज़मीनी स्तर पर काम कब शुरू होगा इसकी कोई स्पष्टता नहीं है।

 

 

Related Articles

Back to top button