
पूरनपुर
क्रांति बुलेटिन न्यूज (अमित ठाकुर)
सत्ता की हनक और रसूख के दम पर व्यापारिक प्रतिष्ठानों को हड़पने का खेल अब बेनकाब होने लगा है। नगर की सुप्रसिद्ध शिरडी राइस मिल के असली मालिक संजीव अग्रवाल ने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि गुरभाग सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर धोखाधड़ी, झूठ और जनता को गुमराह करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है।अग्रवाल ने दोटूक कहा है कि गुरभाग सिंह जिस मिल पर अपना हक जता रहे हैं, उसकी न तो कभी नीलामी हुई और न ही बैंक ने उन्हें कोई कब्जा सौंपा है। यह पूरा प्रपंच केवल एक व्यापारी की संपत्ति पर गिद्ध दृष्टि डालने जैसा है।

नीलामी का सफेद झूठ और अधूरी जानकारी संजीव अग्रवाल ने गुरभाग सिंह के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए कहा कि उन्हें शायद बैंक की नीलामी प्रक्रिया का ककहरा भी नहीं पता। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बैंक ने संपत्ति नीलाम की थी, तो उसका विज्ञापन किस अखबार में छपा? नीलामी के नियम के अनुसार बैंक सीधे खरीदार के नाम रजिस्ट्री करता है, फिर पार्टनरों से छिपकर एग्रीमेंट कराने का प्रपंच क्यों रचा गया? अग्रवाल ने ललकारते हुए कहा, अगर आपमें हिम्मत है, तो नीलामी के दस्तावेज सार्वजनिक करें, वरना झूठ की राजनीति बंद करें।करोड़ों का फर्जीवाड़ा 4 करोड़ का राग अलापना बंद करें, भुगतान के दावों पर भी अग्रवाल ने गुरभाग सिंह को बुरी तरह घेरा। उन्होंने कहा कि गुरभाग सिंह हर जगह 4 करोड़ रुपये देने का ढिंढोरा पीट रहे हैं, जबकि उनके खुद के वकीलों द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस में मात्र 2,46,87,062 रुपये ब्याज सहित का जिक्र है। अग्रवाल ने तीखा सवाल किया कि बाकी के पौने दो करोड़ रुपये क्या हवा में दिए गए? उन्होंने चुनौती दी कि गुरभाग सिंह उन बैंक खातों का ब्यौरा दें जिनमें यह कथित 4 करोड़ की राशि जमा की गई है।
कब्जा नहीं, केवल गुमराह करने की साजिश, मिल मालिक ने स्पष्ट किया कि न तो एग्रीमेंट में कब्जा दिया गया है और न ही गुरभाग सिंह का मिल से कोई कानूनी वास्ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि रसूख का इस्तेमाल कर केवल व्यापारियों को डराने और संपत्तियों पर अवैध तरीके से नजर रखने का काम किया जा रहा है। अग्रवाल ने भावुक अपील करते हुए कहा कि वे इस अन्याय के खिलाफ आखिरी दम तक लड़ेंगे और ईश्वर उनकी मदद करेगा। इस बयान के बाद पूरनपुर की राजनीति में उबाल आ गया है और लोग अब रसूखदारों के असली चेहरे पर चर्चा कर रहे हैं।




