
भिवानी, 01 अअप्रैल 26
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में जहां बड़े-बड़े क्रांतिकारियों ने अपने प्राणों की आहुति दी, वहीं कुछ ऐसे नन्हे वीर भी थे, जिन्होंने देश के लिए अपने जीवन की परवाह नहीं की। ऐसा ही एक नाम है विद्यार्थी रामचंद्र है, जो मात्र 13 वर्ष की आयु में सीने पर गोली खाकर शहीद हो गए थे, जिनकी यह वीरता देश के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। नन्हा सरफरोश विद्यार्थी रामचंद्र शहीद की 98वीं जयंती पर बुधवार को स्थानीय खाड़ी महोल्ला स्थित भारतीय प्रजापति हीरोज आर्गेनाईजेश (बीपीएचओ) के कार्यालय में बीपीएचओ द्वारा कार्यक्रम में का आयोजन किया गया। इस मौके पर अनेक गणमान्य लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लिया। इस मौके पर भारतीय प्रजापति हीरोज आर्गेनाईजेश (बीपीएचओ) के सह संस्थापक एवं ऑल इंडिया कुम्हार प्रजापति पॉलिटिकल फेडरेशन के संस्थापक रमेश टांक ने कहा कि जब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 9 अगस्त 1942 को ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ अंग्रेजों भारत छोड़ो का आंदोलन का ऐलान किया था। इस आंदोलन में शहीद रामचंद्र विद्यार्थी भी कूद पड़े थे तथा 14 अगस्त 1942 को अपने गांव से पैदल करीब 32 किमी चलकर देवरिया पहुेंचे।

जहां देवरिया कचहरी से ब्रिटिश हुकूमत के झंडे को उतारकर तिरंगा झंडा फहरा दिया था। उसी समय अंग्रेजों ने उनको अपनी गोली का शिकार बना दिया, जिसमे वह शहीद हो गए। उन्होंने कहा कि देश की आजादी एवं रक्षा के लिए अनेक वीर सपूतों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसके लिए पूरा देश उनका सदैव ऋणी रहेगा। लेकिन देश के इतिहास में शहीद रामचंद्र एकमात्र ऐसे देशभक्त है, जिन्होंने मात्र 13 वर्ष की आयु में शहादत दी तथा इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में अपना नाम दर्ज करवाया। रमेश टांक ने कहा कि शहीद रामचंद्र की वीरता और बलिदान आज भी हमें यह सिखाते हैं कि देश के प्रति प्रेम और त्याग की भावना उम्र की मोहताज नहीं होती। यह बलिदान हमें यह भी याद दिलाता है कि स्वतंत्रता हमें आसानी से नहीं मिली, बल्कि इसके लिए हजारों युवा क्रांतिकारियों ने अपने प्राण अर्पण किए। उन्होंने कहा कि आज भी उनकी शहादत भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। उनकी कहानी नई पीढ़ी को देशभक्ति और साहस की प्रेरणा देती है। इस अवसर पर वीरेन, दिव्यांश, सुनील, परिक्षित रत्तेवाल, बिमला, मीनाक्षी, आशीष तंवर, आयुष तंवर सहित अनेक लोग मौजूद रहे।




