
लालकुआं/रूद्रपुर
रिपोर्टर -मजहिर खान
-लालकुआं तराई केन्द्रीय वन प्रभाग रूद्रपुर डिवीजन की टांडा रेंज के अन्तर्गत संजय वन चेतना केन्द्र में वन्य प्राणी सप्ताह के तहत हुई गोष्ठी में वन्य जीवों के संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे उत्तराखंड सरकार में 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति (राज्य स्तरीय) के उपाध्यक्ष एवं दर्जा राज्यमंत्री रामपाल सिंह ने कहा कि वन तथा वन्यजीव मनुष्य जीवन के पूरक हैं, एक के बगैर दूसरे का कोई अस्तित्व नहीं है। गोष्ठी के बाद कार्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया।

इधर डिवीजन के प्रभागीय वन अधिकारी उमेश तिवारी ने उपस्थित लोगों व स्कूली छात्र छात्राओं को पर्यावरण में वन व वन्यजीवों के महत्व के बारे में विस्तृत रूप से बताते हुए वन एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षार्थ सहयोग किए जाने की अपील की। इस दौरान उपस्थित नागरिकों और नौनिहाल बच्चों ने वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा की शपथ ली। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने आयोजित गोष्ठी में नाटक के माध्यम से वन्यजीवों की पर्यावरण में उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि वन, वन्य प्राणी और मानव एक-दूसरे के पूरक हैं। पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए इनका संरक्षण अनिवार्य है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि वनों की कटाई और प्राकृतिक आपदाओं के कारण वन्यजीवों का पर्यावास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आमजन, विशेषकर ग्रामीण और वन क्षेत्र के समीप रहने वाले लोगों से वन्य जीवों के संरक्षण के प्रति अधिक जागरूक होने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वन एवं वन्यजीव केवल प्रकृति का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि मानव की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना के भी केंद्र रहे हैं। उनके संरक्षण से हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा सभी का दायित्व है। उन्होंने वन ग्रामों एवं आमजन से वनों की सुरक्षा में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी बताया कि वन विभाग द्वारा समय-समय पर ग्रामीणों को जागरूक किया जाना चाहिए ताकि वन्यजीवों और पेड़-पौधों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।वही कार्यक्रम की अध्यक्षता वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम ने की। इस अवसर पर नगर पालिका नगला के अध्यक्ष सचिन शुक्ला भी मौजूद रहे!




