
,हल्द्वानी
हल्द्वानी की नवीन मंडी एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। बीते दिनों व्यापारियों द्वारा मंडी में कथित शोषण और विभिन्न समस्याओं को लेकर अनिश्चितकालीन मंडी बंद का आह्वान किया गया था। व्यापारियों ने मंडी समिति पर मनमानी और नियमों की अनदेखी के आरोप लगाते हुए धरना-प्रदर्शन किया था, लेकिन यह आंदोलन मात्र एक दिन में ही स्थगित कर दिया गया। धरना खत्म होने के बाद अब किसानों की ओर से गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिससे मंडी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

आज बड़ी संख्या में किसान हल्द्वानी मंडी पहुंचे और मंडी समिति कार्यालय में एक लिखित ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि मंडी में दुकानों के लीज रिन्यूअल और किराया निर्धारण में भारी अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन दुकानों का वास्तविक किराया लगभग 10 हजार रुपये निर्धारित है, उन्हें कुछ व्यापारी मात्र 800 से 1000 रुपये के नाममात्र किराए पर लंबे समय से उपयोग कर रहे हैं। इतना ही नहीं, कई व्यापारी ऐसे भी हैं जो समय पर किराया जमा नहीं कर रहे हैं, बावजूद इसके उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
किसानों का कहना है कि इस स्थिति से न केवल मंडी समिति को राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि किसानों को भी मंडी में दुकानें नहीं मिल पा रही हैं। किसानों ने मांग की कि जो व्यापारी लंबे समय से किराया नहीं दे रहे हैं, उनकी दुकानें तत्काल प्रभाव से खाली कराई जाएं और उन दुकानों को किसानों को उचित और नियमानुसार किराए पर आवंटित किया जाए, ताकि किसान सीधे अपनी उपज का व्यापार कर सकें।
ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि मंडी प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे। मंडी समिति ने किसानों की शिकायतों को संज्ञान में लेने और मामले की जांच कर उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। अब सबकी निगाहें मंडी प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई




