ईद-उल-अजहा का पावन पर्व पूरे सौहार्द के साथ हुआ संपन्न,प्रशासन रहा पूरी तरह मुस्तैद।

मुजफ्फरनगर
क्रान्ति बुलेटिन संवाददाता
मुजफ्फरनगर। ईद-उल-अजहा का पावन पर्व इस वर्ष भी पूरी धार्मिक श्रद्धा, सौहार्द और आपसी भाईचारे के माहौल में संपन्न हुआ। शहर की प्रमुख ईदगाहों और मस्जिदों में सुबह से ही नमाज अदा करने के लिए अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों की संख्या में लोगों ने एक साथ सजदा कर देश, प्रदेश और जनपद में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी।शामली स्टैंड स्थित ईदगाह में सबसे बड़ी जमात देखने को मिली, जहां नमाज से पहले शहर काजी तनवीर आलम ने मिम्बर से खिताब करते हुए ईद-उल-अजहा की अहमियत पर विस्तार से रोशनी डाली।

उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा केवल एक धार्मिक रस्म नहीं बल्कि अल्लाह की राह में कुर्बानी, सब्र, त्याग और इंसानियत का सबसे बड़ा पैगाम है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस पर्व को सादगी, अनुशासन और भाईचारे के साथ मनाया जाए तथा समाज में एकता और मोहब्बत का संदेश दिया जाए। ईद-उल-अजहा के मद्देनजर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए थे। जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सुबह से ही शहर के संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख ईदगाहों और मस्जिदों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर तैनात पुलिस बल को सतर्कता के साथ ड्यूटी निभाने, भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने और यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश दिए। पूरे जनपद में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस बल के साथ-साथ ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी कैमरों से भी लगातार निगरानी रखी गई। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाए और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरती जाए। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।




