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उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना, जिसने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) को लागू किया।

हरिद्वार

सुनील सैनी राज्य मंत्री ने कहा धामी सरकार ने UCC को लागू कर उत्तराखण्ड ने एक ऐसा अध्याय लिखा, जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो गया। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना, जिसने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) को लागू किया। यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता और संविधान के अनुच्छेद 44 के क्रियान्वयन की दिशा में एक सशक्त पहल रही।UCC

समान नागरिक संहिता का तात्पर्य है – भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए धर्म, जाति, पंथ या समुदाय से परे एक समान नागरिक कानून। इसका उद्देश्य है कि विवाह, तलाक, गोद लेना, उत्तराधिकार जैसे व्यक्तिगत कानूनों में कोई भेदभाव न हो और सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलें।

विशेषकर महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को मजबूती मिली।

UCC उत्तराखण्ड विधेयक 2024 के तहत विवाह, तलाक, गोद लेने और उत्तराधिकार पर एक समान कानून सभी धर्मों और जातियों के लिए,बहुविवाह और एकतरफा तलाक पर रोक महिला सम्मान की दिशा में बड़ा कदम,बेटी और बेटे को समान संपत्ति अधिकार – लैंगिक समानता को विधिक स्वरूप, एक ही विवाह का पंजीकरण अनिवार्य – विवाह का वैधानिक दस्तावेज सुनिश्चित किया है l

उत्तराखण्ड ने जो पहल की , वह न केवल राज्य के लिए गौरव की बात है, बल्कि यह पूरे देश के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करती है कि संविधान में जो लिखा गया है, उसे धरातल पर उतारने का साहस कैसे दिखाया जाए। यह फैसला दर्शाता है कि अगर राजनीतिक इच्छाशक्ति मजबूत हो और जनसमर्थन साथ हो, तो दशकों से लंबित संवैधानिक संकल्पों को भी साकार किया जा सकता है।

उत्तराखंड राज्य में UCC के 1 वर्ष पूर्ण होने पर समस्त राज्यवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं l

उत्तराखंड के लोकप्रिय यशस्वी मुख्यमंत्री धर्म रक्षक श्री पुष्कर सिंह धामी जी का हार्दिक धन्यवाद एवं आभार

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