HC में हुई प्रदेशभर के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं व डॉक्टरों की कमी के मामले में सुनवाई !!

नैनीताल
रिपोर्ट मजहिर खान
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालो में स्पेशलीस्ट डाक्टरो और अस्पतालो में मुलभुत सुविधाएं उपलब्ध नही होने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट की खंडपीठ ने जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए स्वास्थ्य सचिव से कहा है कि जनहित याचिकाकर्ता का जो प्रत्यावेदन उनके कार्यालय में लंबित है उसे चार माह के भीतर निस्तारित करते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को दूर करने के लिए उचित निर्णय लें। आज हुई मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार कि तरफ से कहा गया कि अस्पतालो में मुलभुत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं. और डॉक्टरों के रिक्त पड़े पदों को सरकार के द्वारा वॉक एन्ड इंटरव्यू के माध्यम से भरा जा रहा है. मार्च तक अस्पतालो में डॉक्टरो की कमी को पूरा कर लिया जायेगा।

आपको बता दे कि हरिद्वार के नेशनल पब्लिक सर्विस ट्रस्ट ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालो में स्पेशलीस्ट डाक्टरो की भारी कमी है. यही नही अस्पतालो में मूल बहुत सुविधाएं भी उपलब्ध तक नही है. कई समुदातिक स्वास्थ्य केन्द्रो में डाक्टरो के पद सुविकृत होने के भाद भी वहाँ डाक्टर नही है. उनके द्वारा वर्ष 2025-26 का आंकड़ा पेश कर कहा गया कि इन अस्पतालो के द्वारा छोटी सी बीमारी से लेकर बड़ी बीमारी के करीब 52 हजार मरीजों को हायर सेंटर भेजा गया. जो अपने आप में स्वास्थ्य सुविधाओं के आभाव को दरसाने का एक बड़ा उदाहरण है. उनके द्वारा आगे यह भी कहा कि डीडीहाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाइट की उचित व्यवस्था न होने के कारण मरीजों को टोर्च की रौशनी में देखा जा रहा।




