
लालकुआं।
बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर वन अधिकार संगठन द्वारा प्रस्तावित पूर्व सैनिक संगठन बिंदुखत्ता राज्य आंदोलनकारी संगठन एवं विभिन्न सांस्कृतिक एवं सामाजिक संगठनों के सहयोग से तहसील परिषद में क्रमिक धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। 27 अक्टूबर को कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा के आश्वासन की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी राजस्व गांव के मामले में शासन स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई न होने पर यह आंदोलन अनिश्चितकालीन धरने में बदल गया है।

आंदोलन के पहले दिन विकासपुरी इंदिरानगर प्रथम के संयोजक प्रकाश जोशी की अध्यक्षता में ग्रामीण धरने पर बैठे। इस अवसर पर वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, वन अधिकार समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, पूर्व सैनिक संगठन के रैली संयोजक कैप्टन इंद्र सिंह पनेरी, सहसंयोजक भरत नेगी, दीपक जोशी, व्यवस्थापक दीपक नेगी, कैप्टन चंचल सिंह कोरंगा, कैप्टन दलवीर सिंह कफोला, श्याम सिंह रावत, संध्या डालाकोटी, ममता बिष्ट, जानकी देवी, मीना मेहता, भवान सिंह कठायत, नंदन बोरा, दीपक पाठक, जीवन पांडे आदि मौजूद रहे।
धरना-प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए मोटाहल्दू के पूर्व ग्राम प्रधान एवं कांग्रेसी नेता शंकर जोशी, बागेश्वर से सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र कोरंगा, कपकोट से जिला पंचायत सदस्य विजया कोरंगा, पहाड़ी आर्मी के जिला अध्यक्ष राजेंद्र कांडपाल, प्रेमा मेर, आनंद सिंह कन्याल तथा गौलपार-चोरगलिया क्षेत्र से नंदन सिंह बिष्ट, नवीन पांडे, विजय बसेड़ा सहित अन्य क्षेत्रों से सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
धरना-प्रदर्शन के बाद बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाए जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार ईश्वर सिंह भीमा को सौंपा गया।




