
हरिद्वार,
सिद्ध पीठ आनन्द वन समाधि के परमाध्यक्ष स्वामी रामानुज सरस्वती महाराज को निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर नियुक्त किया गया है। ब्रह्मलीन स्वामी प्रेमानंद सरस्वती महाराज की 36वीं पुण्य तिथी के अवसर सिद्ध पीठ आनन्द वन समाधि में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज की अध्यक्षता में आयोजित पट्टाभिषेक समारोह में सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरूषों ने चादर विधि कर स्वामी रामानुज सरस्वती का महामंडलेश्वर पद पर अभिषेक किया। पट्टाभिषेक के उपरांत संत समाज ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया और शुभकामनाएं दी।

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने शुभकामनाएं देते हुए कहा गुरु ज्ञान के दाता होते भक्तों का करते उद्धार गुरु के ज्ञान की निधि से भक्तों के जीवन को दिशा प्राप्त होती है और उनका जीवन सार्थक हो जाता है उन्होंने कहाकि महामंडलेश्वर बेहद गरिमामयी पद है। नवनियुक्त महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती विद्वान संत हैं। महामंडलेश्वर बनने के बाद वे निरंजनी अखाड़े की परंपरांओं को आगे बढ़ाते हुए सनातन धर्म संस्कृति को आगे बढ़ाने में योगदान करेंगे। उन्होेंने कहा कि पूरे विश्व की निगाहें अगले वर्ष हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेले पर लगी हुई हैं। कुंभ मेला पूरी भव्यता और दिव्यता से संपन्न होगा। सरकार भी कुंभ मेले के लिए बेहतर व्यवस्थाएं कर रही है।
नवनियुक्त महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती महाराज ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संत परंपरांओं के अनुरूप महामंडलेश्वर पद की जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज के नेतृत्व में निरंजनी अखाड़े की उन्नति में योगदान करेंगे।




