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वाणिज्यिक एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से राज्य से 01 मै०टन लीची की प्रथम निर्यात खेप इटली को एक वाहन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया।

देहरादून 18 जून, 2026

देहरादून को मा० कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री जी, उत्तराखण्ड सरकार द्वारा राजकीय उद्यान, सर्किट हाउस, देहरादून में उत्पादित सुप्रसिद्ध लीची (रोजसेन्टेड) को प्रोत्साहित करने हेतु कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), वाणिज्यिक एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से राज्य से 01 मै०टन लीची की प्रथम निर्यात खेप इटली को एक वाहन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। लीची रवानगी के समय एपीडा के सचिव, महाप्रबन्धक, उत्तराखण्ड के निदेशक, उद्यान, डॉ० आर०के० सिंह, निदेशक, बागवानी मिशन, श्री महेन्द्रपाल एवं एपीडा के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

वर्तमान में उत्तराखंड में लगभग 5,377 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लीची की खेती की जाती है, जिसमें लगभग 19,465 मै०टन उत्पादन होता है। इटली को लीची की प्रथम निर्यात खेप से बागवानी क्षेत्र के निर्यात को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ अर्न्तराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय प्रीमियम लीची की स्वीकार्यता भी बढ़ने को भी प्रदर्शित करता है। देहरादून की लीची अपनी विशिष्ट मिठास, आकर्षक लाल रंग, मनमोहक सुगंध तथा उत्कृष्ट गूदे की गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है। इस क्षेत्र में रोज़ सेंटेड (Rose Scented), कलकैतिया (Calkaitia) एवं बेदाना (Bedana) जैसी लोकप्रिय किस्में उत्पादित की जाती हैं, जिन्हें उनके विशिष्ट स्वाद एवं गुणवत्ता/गुणों के लिए विशेष रूप से सराहा जाता है। उत्तराखंड के प्रमुख लीची उत्पादक जनपद- देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल एवं ऊधमसिंहनगर अनुकूल कृषि-जलवायु परिस्थितियों के कारण उच्च गुणवत्ता वाली लीची उत्पादन के लिए जाने जाते हैं।

इस निर्यात पहल से कृषकों को 25 प्रतिशत तक अधिक मूल्य प्राप्त होगा। यह पहल निर्यातोन्मुख बागवानी को प्रोत्साहित करने तथा क्षेत्र में बागवानी मूल्य श्रृंखला को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

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