आस्थाहरिद्वार

हरिद्वार से डेढ़ करोड़ से ज्यादा कावड़िये गंगाजल लेकर के अपने गंतव्य को हुए रवाना।

आपदा मित्र की ड्यूटी बड़ी ही गंभीर मानी जाती है इस घाट पर आपदा मित्रों ने कई कांवड़ियों की जान बचाई और लगातार कांवड़ियों को गंगा में से डूबने से बचा रहे हैं साथ ही कावड़ियों को निर्देश भी दे रहे हैं कि वह गंगा के अंदर ना जाए जबकि गंगा के किनारे पर बैठकर ही मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाये।

हरिद्वार

कावड़ यात्रा अपने चरम सीमा पर है और इस समय डेढ़ करोड़ से ज्यादा कावड़िये गंगाजल लेकर के अपने गंतव्य को जा चुके हैं और लाखों कावड़िये धर्मनगरी हरिद्वार पहुंच रहे हैं

वहीं मौसम का मिजाज भी कुछ बदला बदला है और गंगा का जलस्तर भी बढ़ता हुआ नजर आ रहा है जिसको लेकर के प्रशासन ने कहीं घाट पर आपदा मित्र को तैनात कर रखा है बात करें चंडीघाट की तो वहां पर नमामि गंगे घाट पर आपदा मित्र मुस्तेदी से काम कर रहे हैं क्योंकि कावड़िये जो दूरदराज से आते हैं वह गंगा जी के अंदर तैरने की कोशिश करते हैं पर ज्यादा बहव के कारण बह जाते हैं इसलिए आपदा मित्र की ड्यूटी बड़ी ही गंभीर मानी जाती है इस घाट पर आपदा मित्रों ने कई कांवड़ियों की जान बचाई और लगातार कांवड़ियों को गंगा में से डूबने से बचा रहे हैं साथ ही कावड़ियों को निर्देश भी दे रहे हैं कि वह गंगा के अंदर ना जाए जबकि गंगा के किनारे पर बैठकर ही मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाये

वही आपदा मित्र अजय कुमार ने बताया कि हमने अभी तक दो लोगों की जान बचाई है साथ ही एक कावड़िया डूब गया था जिसकी बॉडी हमने गंगा जी से निकली है और हम यहां पर मुस्तादी से काम कर रहे हैं हमारी प्राथमिकता है की कांवड़ियों को गंगा जी के अंदर गहरे पानी में न जाने दे साथ ही हम उनको जागरूक भी करते हैं कि वह घाट के किनारे ही बैठकर मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाये,

हमारी नजर हमेशा यहां आए श्रद्धालुओं पर बनी है और उनकी सुरक्षा को देखते हुए हम मुस्तादी से यहां काम कर रहे हैं

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