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शहीद-ए-आज़म कांफ्रेंस’ में गूंजा अमन और भाईचारे का पैगाम !

लालकुआं

रिपोर्टर -मजहिर खान

​ हाल ही में तंजीम-ए-रजा कमेटी द्वारा ‘शहीद-ए-आज़म कांफ्रेंस’ का आयोजन किया गया, जो आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। इस भव्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की।

​कांफ्रेंस का मुख्य उद्देश्य हजरत इमाम हुसैन की शहादत, उनके त्याग, संघर्ष और इंसाफ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना था। देश के विभिन्न हिस्सों से आए उलेमा-ए-किराम और शायरों ने इमाम हुसैन की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी कुर्बानी पूरी इंसानियत के लिए एक मिसाल है। उन्होंने जोर दिया कि इमाम हुसैन द्वारा दिखाया गया सच्चाई, सब्र और मानवता की रक्षा का रास्ता आज के समाज को सही दिशा दिखाता है।

​कार्यक्रम के दौरान नातिया कलाम और मनकबत पेश की गई, जिससे माहौल बेहद रूहानी और भावपूर्ण हो गया। उलेमाओं ने समाज में आपसी भाईचारे, शांति और सद्भाव को और मजबूत करने का आह्वान किया।

​इस रूहानी महफिल में मौलाना अलाउद्दीन चतुर्वेदी (झारखंड), मुफ्ती तौसीफ नूरानी (बरेली शरीफ), मौलाना जफर बज़्मी (शीशगढ़), मौलाना सलीम रजा पीलीभीती (शायर-ए-मुल्क), मौलाना मुफ्ती वासिफ रजा (हल्द्वानी), मौलाना अब्दुल हफीज (लालकुआं) और मौलाना हसीन रजा (इमाम जामा मस्जिद) सहित कई प्रतिष्ठित धर्मगुरुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

​कार्यक्रम को सफल बनाने में तंजीम-ए-रजा कमेटी के अध्यक्ष मुख्तार अहमद अंसारी और कमेटी के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों का विशेष योगदान रहा। अंत में सलातो-सलाम के साथ देश में अमन-चैन और तरक्की की दुआ के साथ इस कांफ्रेंस का समापन हुआ।

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