
लालकुआं
रिपोर्टर मजहिर खान
-लालकुआं सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने अंकिता भंडारी हत्याकांड और हाल ही में उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी को लेकर प्रदेश की धामी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल वीआईपी (VIP) को बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
यहाँ पत्रकारों से बातचीत करते हुए हरीश रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रदेश की स्वाभिमान, अस्मिता और गौरव की प्रतीक थी। यह लड़ाई केवल अंकिता के न्याय की नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सभी बेटियों और बहनों के न्याय व अस्मिता की लड़ाई है, जिसे कांग्रेस पूरी शिद्दत के साथ लड़ेगी।

वही उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उर्मिला ने नार्को टेस्ट कराने की बात रखी, तो सरकार घबरा गई और नार्को टेस्ट की मांग को टालने के लिए पुलिस का सहारा लेकर उन्हें झूठे मुकदमे में बंद करवा दिया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा “जब-जब धामी सरकार डरती है, पुलिस को आगे करती है”
उन्होंने आशंका जताई कि यदि उर्मिला सनावर का नार्को टेस्ट होता, तो वीआईपी से जुड़ा सच सबके सामने आ जाता। उन्होंने मांग की कि अंकिता भंडारी के असल दोषियों और मामले में शामिल वीआईपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए और जनता के सामने सच लाया जाए।




