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सुभाष नगर वासी दूषित पानी पीने से हो रहे हैं बीमार , फिर भी मौन है उत्तराखंड सरकार।

जल संस्थान के अधिकारियों को मौके पर बुलाया और उनको दोनों जल पंप बंद करवाकर , लोगों के घरों की मोटर चलवाकर दिखाई तो प्रत्येक घर से गंदा पानी मोटर चलाने से आने लगा और यह सब देख जल संस्थान के अधिकारी भी हक्के बक्के रह गए, जो अधिकारी सुभाष नगर में स्वच्छ जल का दावा कर रहे थे उनके सामने ही स्वयंसेवी सुरेंद्र ठाकुर व स्थानीय लोगों ने उनकी पोल खोलकर रख दी।

ज्वालापुर हरिद्वार राजेश वर्मा

शिवालिक नगर नगर पालिका के सुभाष नगर क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति से लोग परेशान। घरों तक गंदा और बदबूदार पानी पहुंचने के कारण उन्हें मजबूरन गंदा पानी पीना पड़ता है और क्षेत्र के लोग अधिकतर बीमारी का शिकार होते जा रहे हैं। सुभाष नगर क्षेत्र में नगर पालिका के चार वार्ड आते हैं, जहां लगभग 25 हजार की आबादी है। इतने बड़े क्षेत्र में दूषित पानी की आपूर्ति से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है । ज्यादा टेंपरेचर होने के कारण बिछी हुई प्लास्टिक की पाइप लाइन अब जगह-जगह से फटने लगी है और उसमें नालियों का गंदा पानी घरों तक पहुंचता है जिसे पीने से इस क्षेत्र में लोग बीमार होने लग गए हैं। उत्तराखंड सरकार की नींद कब खुलेगी।

किरण सिंह का कहना है कि क्षेत्र की पेयजल लाइनें बेहद जर्जर हो चुकी हैं और कई वर्षों से इन्हें बदला नहीं गया है, स्थिति यह है कि कई स्थानों पर पेयजल मे नालियों का गंदा पानी घरो तक पहुंचता है और लोगों को दूषित पानी पीना पड़ रहा है और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

सुरेंद्र ठाकुर का कहना है कि इस संबंध में संबंधित विभाग को कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। लोगों ने जल्द से जल्द जर्जर पेयजल लाइनों को बदलने और समस्या के समाधान की मांग की। समाधान न मिलने पर बड़े स्तर पर धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया भी लिया जाएगा,।

कांग्रेस की पूर्व प्रदेश सचिव एवं समाज सेवी सुरेंद्र ठाकुर ने जल संस्थान के अधिकारियों को मौके पर बुलाया और उनको दोनों जल पंप बंद करवाकर , लोगों के घरों की मोटर चलवाकर दिखाई तो प्रत्येक घर से गंदा पानी मोटर चलाने से आने लगा और यह सब देख जल संस्थान के अधिकारी भी हक्के बक्के रह गए, जो अधिकारी सुभाष नगर में स्वच्छ जल का दावा कर रहे थे उनके सामने ही स्वयंसेवी सुरेंद्र ठाकुर व स्थानीय लोगों ने उनकी पोल खोलकर रख  दी।

सोमवीर चौधरी ने बताया कि जो पानी की पाइपलाइन बिछी हुई है , वह लगभग 30 साल पुरानी हो चुकी है और वह जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। प्लास्टिक की पाइपलाइन टूटने के कारण यानि लीकेज होने के कारण  प्रत्येक घरों के सामने सड़के धसने लगी है और वहां गड्ढे दिखाई देने लग गए हैं इस कारण भी घरों में पानी गंदा आता है , जिसे पीने से यहां के अधिकतर लोग बीमार हो रहे हैं।

एक तरफ भाजपा सरकार ने स्वच्छ जल पीने के लिए कई योजनाएं चला रखी है दूसरी ओर इस नगर की तरफ यहां के स्थानीय विधायक, नगर पालिका के अध्यक्ष व प्रशासन के आल्हा अधिकारी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे। जिससे यहां के लोग गंदा पानी पीने को मजबूर है।

वही ओमपाल स्थानीय निवासी ने बताया कि जल शुल्क बढ़ाने से पूर्व पेय जल समिति के द्वारा स्थानीय निवासियों को जानकारी दी जानी चाहिए थी।समिति ने बिना किसी अनुमति के जल शुल्क बढ़ा कर उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ाया है और प्रशासन को शीघ्र ही इस मामले का संज्ञान लेते हुए दोषियों के विरुद्ध उचित कार्यवाही करते हुए जनता के हितों का ध्यान रखना चाहिए।

इस क्षेत्र में दुखी होकर कई लोगों ने अपने सबमर्सिबल पंप लगा लिए उनका समिति व जल संस्थान से पानी का कोई लेना-देना नहीं है उन्हें भी जबरन जल संस्थान पानी का बिल थमा कर परेशान कर रही है।

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